
संवाददाता अखिलेश विश्वकर्मा गढ़वा श्री बंशीधर नगर नगर पंचायत की पूर्व अध्यक्ष एवं अंतरराष्ट्रीय भोजपुरी संगम भारत राष्ट्रीय कला सेवा संस्थान की प्रदेश अध्यक्ष विजयालक्ष्मी देवी ने गढ़वा के उपायुक्त को आवेदन सौंपकर श्री बंशीधर नगर स्थित प्राचीन राजा पहाड़ी शिव मंदिर में कथित वित्तीय अनियमितता, मेला प्रबंधन में अव्यवस्था तथा श्रद्धालुओं से अवैध वसूली की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है।
उपायुक्त को दिए आवेदन में उन्होंने कहा है कि राजा पहाड़ी शिव मंदिर लाखों श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र है। प्रत्येक वर्ष श्रावणी मेला एवं महाशिवरात्रि के अवसर पर यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु जलाभिषेक के लिए पहुंचते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मंदिर परिसर एवं मेले के दौरान प्रवेश, पार्किंग, प्रसाद तथा अन्य सुविधाओं के नाम पर श्रद्धालुओं से अवैध वसूली की शिकायतें लगातार मिल रही हैं। उन्होंने दावा किया कि अपने कार्यकाल के दौरान भी संबंधित लोगों को इस प्रकार की वसूली नहीं करने के लिए आगाह किया गया था।
विजयालक्ष्मी देवी ने कहा कि उनके नगर पंचायत अध्यक्ष कार्यकाल में नगर विकास विभाग से राजा पहाड़ी पर लगभग एक करोड़ रुपये की लागत से पार्क निर्माण की स्वीकृति प्राप्त हुई थी तथा निविदा प्रक्रिया भी पूरी कर ली गई थी। लेकिन उनके कार्यकाल के बाद स्वीकृत पार्क का निर्माण राजा पहाड़ी पर न कराकर अन्य स्थान पर करा दिया गया, जो गंभीर वित्तीय अनियमितता का मामला प्रतीत होता है।
उन्होंने आवेदन में यह भी आरोप लगाया कि मंदिर की आय-व्यय, दान राशि और मेला प्रबंधन में पारदर्शिता का अभाव है। उनका कहना है कि राजा पहाड़ी शिव मंदिर जिला पर्यटन संवर्धन समिति के अंतर्गत एक महत्वपूर्ण धार्मिक पर्यटन स्थल है, इसलिए इस प्रकार की अनियमितताएं न केवल श्रद्धालुओं की आस्था को ठेस पहुंचाती हैं बल्कि सरकारी राशि के दुरुपयोग की आशंका भी पैदा करती हैं।
उन्होंने उपायुक्त से उप विकास आयुक्त की अध्यक्षता में जांच दल गठित कर मंदिर की पिछले तीन वर्षों की आय-व्यय, दान राशि, मेला प्रबंधन तथा एक करोड़ रुपये की पार्क योजना में हुए कथित विचलन की विस्तृत जांच कराने की मांग की है। साथ ही दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई, मंदिर प्रबंधन समिति के पुनर्गठन, पारदर्शी व्यवस्था लागू करने तथा आय-व्यय का सार्वजनिक लेखा-जोखा जारी करने का अनुरोध किया है।
इस संबंध में उन्होंने अपने आवेदन की प्रतिलिपि पर्यटन, कला-संस्कृति, खेलकूद एवं युवा कार्य विभाग के सचिव, नगर विकास एवं आवास विभाग के सचिव तथा अनुमंडल पदाधिकारी को भी प्रेषित की है।









